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GPF ब्याज कैलकुलेटर

पुरानी पेंशन वाले केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए, जो सामान्य भविष्य निधि (GPF) में अंशदान करते हैं। 1 अप्रैल का बैलेंस और हर महीने का अंशदान डालें। अक्टूबर से दिसंबर 2026 के लिए दर 7.1% है।

हर अंशदान उस महीने के अगले महीने की पहली तारीख से गिना जाता है जिसकी सैलरी से वह कटा (मार्च की सैलरी 1 अप्रैल को मिलती है, इसलिए उसका अंशदान अप्रैल से गिना जाता है), यानी साल के 12 अंशदान 12, 11 … 1 महीने ब्याज कमाते हैं। साल अप्रैल से मार्च तक चलता है।

नतीजा देखने के लिए फॉर्म भरें।

GPF पर ब्याज कैसे निकलता है

सामान्य भविष्य निधि (केंद्रीय सेवा) नियम, 1960 का नियम 11 तरीका तय करता है, और कैलकुलेटर उसी पर चलता है:

उदाहरण। 1 अप्रैल को ₹5,00,000 और हर महीने ₹10,000, 7.1% पर। शुरुआती बैलेंस पर ₹5,00,000 × 7.1% = ₹35,500 ब्याज। 12 अंशदान 12, 11, 10 … 1 महीने ब्याज कमाते हैं, कुल 78 अंशदान-महीने: ₹10,000 × 78 × 7.1% ÷ 12 = ₹4,615। साल का ब्याज ₹40,115 है, और 31 मार्च को बैलेंस ₹6,60,115। अगर आपने अक्टूबर में ₹1,00,000 निकाले होते, तो उस रकम पर सिर्फ अप्रैल से सितंबर तक ब्याज मिलता, और साल का ब्याज ₹36,565 होता।

GPF ब्याज दर

आर्थिक मामलों का विभाग हर तिमाही GPF और रक्षा सेवाओं, रेलवे व अखिल भारतीय सेवाओं की ऐसी ही निधियों की ब्याज दर तय करता है। अक्टूबर से दिसंबर 2026 के लिए दर 7.1% है, और अप्रैल 2020 से हर तिमाही 7.1% ही रही है। साल के बीच दर बदलने पर हर महीना अपनी तिमाही की दर से ब्याज कमाता है; अंदाज़े के लिए यहां औसत दर डालें।

अंशदान के नियम

और कैलकुलेटर

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अभी GPF ब्याज दर कितनी है?

अक्टूबर से दिसंबर 2026 के लिए 7.1% सालाना। अप्रैल 2020 से हर तिमाही यह 7.1% ही रही है।

GPF पर ब्याज कैसे निकलता है?

हर महीने के बैलेंस पर, सालाना दर ÷ 12 से। शुरुआती बैलेंस 12 महीने ब्याज कमाता है, हर अंशदान अपनी सैलरी वाले महीने के अगले महीने से, और निकासी वाले महीने से वह रकम ब्याज कमाना बंद कर देती है। कुल ब्याज 31 मार्च को जुड़ता है।

GPF में अधिकतम अंशदान कितना है?

एक वित्त वर्ष में ₹5,00,000। न्यूनतम आपकी परिलब्धियों का 6% है।

क्या GPF के ब्याज पर टैक्स लगता है?

₹5 लाख की सीमा के अंदर के अंशदान पर नहीं। जिस निधि में नियोक्ता का योगदान नहीं होता, उसमें साल में ₹5 लाख से ज़्यादा के कर्मचारी अंशदान पर मिला ब्याज टैक्सेबल है, पर GPF में अंशदान इस सीमा से ऊपर जा ही नहीं सकता।